VAGBHATT HERBALS & AAYURVED
“ मैं भारत को भारतीयता के मान्यता के आधार पर फिर से खड़ा करना चाहता हूँ। ”
BhaiRAJIV DIXIT
Prolific Orator of Swadeshi
30 Nov 1967 - 30 Nov 2010
“ स्वदेशी और स्वावलंबन के आधार पर ही भारत फिर से सोने की चिड़ियाँ बनेगा। ”
BhaiRAJIV DIXIT
Prolific Orator of Swadeshi
30 Nov 1967 - 30 Nov 2010
“ स्वदेशी केवल एक आर्थिक नीति नहीं, यह सच्ची स्वतंत्रता का मार्ग है। ”
BhaiRAJIV DIXIT
Prolific Orator of Swadeshi
30 Nov 1967 - 30 Nov 2010
“ जो राष्ट्र अपना ज्ञान भूल जाता है, वह कभी सच में स्वतंत्र नहीं हो सकता। ”
BhaiRAJIV DIXIT
Prolific Orator of Swadeshi
30 Nov 1967 - 30 Nov 2010
“ आधुनिक चिकित्सा जिन उत्तरों को भूल गई है, आयुर्वेद में वे आज भी मौजूद हैं। ”
BhaiRAJIV DIXIT
Prolific Orator of Swadeshi
30 Nov 1967 - 30 Nov 2010
“ असली विकास का अर्थ है गाँवों को सशक्त बनाना, विदेशी कंपनियों पर निर्भर रहना नहीं। ”
BhaiRAJIV DIXIT
Prolific Orator of Swadeshi
30 Nov 1967 - 30 Nov 2010
“ स्वास्थ्य कभी व्यापार नहीं होना चाहिए — यह हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है। ”
BhaiRAJIV DIXIT
Prolific Orator of Swadeshi
30 Nov 1967 - 30 Nov 2010
“ आत्मनिर्भरता की शुरुआत हमारे अपने घर के छोटे-छोटे फैसलों से होती है। ”
BhaiRAJIV DIXIT
Prolific Orator of Swadeshi
30 Nov 1967 - 30 Nov 2010
Promoted by Rajiv Dixit Memorial Trust, Sevagram






































